ये ज़रूरी तो नहीं कि
हर मुस्कुराहट में मुस्कान हो!
समझे ना मुस्कुराहट के पीछे का ग़म
तो तुम नादान हो!
किसी के दिल में छुपी तकलीफ़ से
तुम अनजान हो!
तुम ख़ुद भी तो हताश हो ज़िंदगी में,
तो जब और कोई हताश हो,
तो क्यूँ हैरान हो?
◆◆◆
डायरी 2026