डायरी 2026
उस स्त्री से प्रेम मत करना
उस स्त्री से प्रेम मत करना जो सवाल पूछती हो, जो हर बात को बस मान लेने के बजाय समझना चाहती हो। उस स्त्री से प्रेम मत करन…
उस स्त्री से प्रेम मत करना जो सवाल पूछती हो, जो हर बात को बस मान लेने के बजाय समझना चाहती हो। उस स्त्री से प्रेम मत करन…
जब साल अपने पहले क़दम बढ़ाता है, तब इंसान बाहर नहीं-अपने भीतर झाँकता है… कैलेंडर की तारीख़ बदलती है, पर असल हलचल दिल के…
जब साल अपने आख़िरी पन्ने पलट रहा होता है, तब इंसान अपने भीतर की डायरी खोलता है… बाहर सर्द हवा चल रही होती है, और भीतर य…
आदरणीय अभिभावक गण, शिक्षक साथी और प्यारे बच्चों, सबको मेरा सादर नमस्कार। आज हमारे विद्यालय में आयोजित इस…
आज संविधान दिवस है, भारत के आत्मसम्मान और लोकतंत्र की नींव को सलाम करने का दिन। यह वही किताब नहीं, यह हमारे हक़ की आवाज…
आज हम एक बार फिर से तिरंगे के साये में खड़े हैं। हवा में लहराता हुआ वो तिरंगा हमें सिर्फ़ हमारी आज़ादी का नहीं, बल्क…
"नाराज़गियाँ और रिश्तों की चुप आवाज़" (By Rebel Pen) नाराज़ रहकर हम अक्सर अपनों से दूरी तो बना लेते हैं... प…
🎤 भाषण: रिश्तों की मर्यादा और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की नई चुनौती 🎤 आदरणीय मंच, सम्मानीय श्रोता और मेरे प्रिय साथियों, आ…
📜 पापा के नाम — एक अधूरी चिट्ठी प्रिय पापा, आज फादर डे है। सब लोग अपने पापा के साथ तस्वीरें डाल रहे हैं, केक काट रहे …
पापा के नाम — Father's Day पर "कंधे पर बिठाकर दुनिया दिखाने वाले, अब खुद आसमान बन गए हैं। जिनकी डाँट में भी द…
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